निजी क्रिप्टोकरेंसी जैसे सट्टेबाजी के साधनों को अगर बढ़ने की इजाजत दी गई तो ये अगले वित्तीय संकट की वजह बन सकते हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने यह चेतावनी दी। उन्होंने साथ ही बिटकॉइन जैसे साधनों पर प्रतिबंध लगाने की मांग भी की। दास ऐसे साधनों के प्रबल विरोधी रहे हैं और आरबीआई इस मुद्दे पर उच्चतम न्यायालय तक गया है। उन्होंने ‘बीएफएसआई इनसाइट समिट 2022’ में कहा कि क्रिप्टोकरेंसी में व्यापक आर्थिक और वित्तीय स्थिरता से जुड़े बड़े जोखिम शामिल हैं और हम इस बारे में हमेशा बताते रहे हैं। आरबीआई गवर्नर ने कहा कि पिछले एक साल के घटनाक्रम इस तरह के साधनों से पैदा होने वाले खतरों के बारे में बताते हैं। इनमें क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज एफटीएक्स का धराशायी होना शामिल है, जो अमेरिका के इतिहास में सबसे बड़ी वित्तीय धोखाधड़ी में से एक है।
नई दिल्ली। देश की आर्थिक सेहत इन दिनों ठीक नहीं चल रही है। कर्ज में लगातार बढ़ोतरी हो रही है तो डॉलर के मुकाबले रुपए में गिरावट आ रही है। वहीं विदेशी मुद्रा भंडार भी पिछले साल के मुकाबले सितंबर, 2022 तक करीब 106 अरब डॉलर घट गया। केंद्र सरकार की कुल देनदारी सितंबर के अंत में बढ़कर 147.19 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गई। इससे पहले जून तिमाही में यह 145.72 करोड़ रुपए थी। इस हिसाब से वर्ष 2021 की जनगणना के अनुसार भारत के प्रत्येक व्यक्ति पर करीब एक लाख, 6 हजार रुपए का कर्जा है। इसमें राज्यों को कर्जा का शामिल नहीं है।
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